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माँ ने अपने आँचल मे छीपा डेड माह के मासूम को बचाया.... झोपडी मे सो रहे मासूम पर कुत्ते ने किया था हमला....

Photo Source : Innocent child in JLN Hospital, Ajmer

Posted On:Sunday, April 26, 2026

माँ ने अपने आँचल मे छीपा डेड माह के मासूम को बचाया....
झोपडी मे सो रहे मासूम पर कुत्ते ने किया था हमला....



पीसांगन. अजमेर...पीसांगन उपखण्ड क्षेत्र के राजस्व ग्राम सरसड़ी के निकट एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।यहाँ शनिवार सुबह एक आवारा कुत्ते ने झोपड़ी में सो रहे डेढ़ महीने के मासूम बच्चे पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।जिसे तत्काल अजमेर के JLN अस्पताल पंहुचाया गया जहा उसकी हालात गंभीर हे।

यह हे मामला --

शनिवार सुबह पीसांगन थाना क्षेत्र के कालेसरा पंचायत के सरसड़ी गांव के निकट कोयले के भट्टे पर स्तिथ झोपडी मे एक खूंखार कुत्ते ने डेढ महीने के मासूम सावरा पर हमला कर दिया। कुत्ते ने सोते हुए बच्चे को इतनी बेरहमी से नोचा कि उसकी आंतें तक शरीर से बाहर आ गईं। वर्तमान में बच्चा अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।

माँ का रोंगटे खड़े कर देने वाला संघर्ष --

यह घटना शनिवार सुबह की है जब मासूम सावरा अपनी झोपड़ी के अंदर सो रहा था। बच्चे के पिता मकरम काम पर गए हुए थे और माँ केलम बाहर खाना बना रही थीं। इसी बीच एक आवारा कुत्ता झोपड़ी में घुसा और सोते हुए सावरा को अपने जबड़ों में दबोच लिया।
बच्चे के रोने की आवाज सुनकर माँ तुरंत अंदर दौड़ीं और नजारा देखकर सन्न रह गईं। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और करीब 5 मिनट तक अकेले कुत्ते से संघर्ष किया। माँ ने बच्चे को छुड़ाने के बाद उसे अपने शरीर से ढंक लिया ताकि कुत्ता दोबारा हमला न कर सके। इस दौरान बच्चे का तीन साल का बड़ा भाई अरविंद कंबल में छिप जाने के कारण सुरक्षित बच गया। मासूम बच्चे के माता पिता तत्काल बच्चे को लेकर अजमेर JLN अस्पताल पहुचे।जहा डॉक्टरों की विशेष टीम ने रात में ही बच्चे की इमरजेंसी सर्जरी की।बच्चे की हालत फिलहाल गंभीर बताई जा रही हे।और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है ओर डॉक्टरो की टीम उसकी निरंतर निगरानी कर रहा है।

पीड़ित परिवार रोजी-रोटी के लिए आए थे -

पीड़ित परिवार मूल रूप से पाली जिले के रास-बाबरा क्षेत्र (ग्राम भीमगढ़) का निवासी है। वे अपनी आजीविका चलाने के लिए सरसड़ी के निकट राजस्व ग्राम नागेलाव की सीमा मे स्तिथ कोयले के भट्टे पर मजदूरी का काम करते हैं। देर शाम बच्चे के माता-पिता ने बताया कि मासूम के स्वास्थ्य में बहुत मामूली सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन स्थिति अभी भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है।

ग्रामीणों में रोष और प्रशासन से मांग-

इस भयावह घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों के खिलाफ अविलंब सख्त अभियान चलाया जाए।पीड़ित गरीब श्रमिक परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।


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