नयी दिल्ली: भारत और विश्व के अन्य विकासशील क्षेत्रों में महिलाओं के बीच डिजिटल अंतराल को पाटने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। बुधवार, 06 मई 2026 को रिलायंस फाउंडेशन और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से 'शीकनेक्ट्स डिजिटल एक्सेलेरेटर' (SheConnects Digital Accelerator) नामक एक महत्वाकांक्षी अभियान की घोषणा की है। इस 200 करोड़ रुपये की पहल का मुख्य लक्ष्य भारत और सब-सहारा अफ्रीका में महिलाओं और लड़कियों के लिए डिजिटल तकनीक को सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाना है।
तीन वर्षीय रोडमैप और रणनीतिक लक्ष्य
अगले तीन वर्षों के लिए तैयार किया गया यह कार्यक्रम केवल तकनीक प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की आजीविका में सुधार लाने वाले स्थानीय समाधानों पर केंद्रित है।
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अनुभव साझा करना: इस साझेदारी के तहत भारत में सफल रहे डिजिटल मॉडलों को सब-सहारा अफ्रीका की परिस्थितियों के अनुरूप ढाला जाएगा। इसी तरह, वहां की बेहतरीन सीख को भारतीय परिदृश्य में लागू किया जाएगा।
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सशक्तिकरण और आत्मविश्वास: रिलायंस फाउंडेशन की महिला सशक्तिकरण प्रमुख एन. दीप्ति रेड्डी के अनुसार, महिलाओं को केवल गैजेट्स देना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें डिजिटल टूल्स के उपयोग का आत्मविश्वास देना इस मुहिम की प्राथमिकता है।
2030 तक डिजिटल लैंगिक अंतराल कम करने का विजन
गेट्स फाउंडेशन की लैंगिक समानता उपनिदेशक साची भल्ला ने रेखांकित किया कि 'ग्लोबल साउथ' के देशों में महिलाएं अब भी स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच के मामले में पुरुषों से पीछे हैं।
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पिछला रिकॉर्ड: रिलायंस फाउंडेशन पहले ही पिछले तीन वर्षों में छह लाख से अधिक महिलाओं को डिजिटल रूप से साक्षर बना चुका है।
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वैश्विक प्रभाव: यह अभियान संयुक्त राष्ट्र के उस वैश्विक लक्ष्य में योगदान देगा, जिसमें 2030 तक डिजिटल लैंगिक असमानता को आधा करने की बात कही गई है।
इस पहल के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि और छोटे व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं के लिए विशेष ऐप और प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे। यह गठबंधन यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है कि भविष्य की डिजिटल क्रांति में महिलाएं केवल मूकदर्शक न बनकर सक्रिय भागीदार और नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरें।