आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के नाम का डंका इस वक्त पूरी दुनिया में बज रहा है. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इस सीजन में अपने बल्ले से तबाही मचाते हुए 65 छक्कों के दम पर 680 रन ठोक दिए हैं. हर कोई हैरान है कि सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी इतनी तूफानी बैटिंग और बड़े-बड़े छक्के कैसे लगा रहे हैं. आखिरकार इस राज पर से पर्दा उठ गया है और इसका खुलासा खुद राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट ऑपरेशंस के डायरेक्टर जुबीन भरूचा ने किया है. भरूचा ने बताया कि पिछले एक साल में राजस्थान के ट्रेनिंग सेंटर में वैभव की तकनीक, बैकलिफ्ट और ट्रिगर मूवमेंट पर कितनी बारीकी से काम किया गया है.
पैर का मूवमेंट और क्रीज का इस्तेमाल
वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्हें बल्लेबाजी के दौरान फुटवर्क (पैर चलाने) में बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है. वे ज्यादातर शॉट्स क्रीज पर खड़े-खड़े ही खेल जाते हैं:
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बैकफुट का कमाल: जुबीन भरूचा के मुताबिक, वैभव के बड़े शॉट्स का असली श्रेय उनके बैकफुट पर वजन (भार) डालने की क्षमता को जाता है. जैसे ही गेंदबाज गेंद रिलीज करने आगे बढ़ता है, वैभव का शरीर, हाथ और आंखें एक बेहतरीन तालमेल (Hand-Eye Coordination) बनाकर उन्हें सही शॉट चुनने में मदद करते हैं.
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क्रीज की गहराई: वैभव के बैकफुट में एक हल्का सा ट्रिगर मूवमेंट होता है, जिससे वे क्रीज की गहराई का पूरा इस्तेमाल करते हैं. यह तकनीक उन्हें तेज गेंदबाजों की गति और बाउंस से निपटने के लिए अतिरिक्त समय देती है. उनकी तेज बैट स्पीड और ऊंची बैकलिफ्ट इन शॉट्स को सीधे बाउंड्री के पार पहुंचा देती है.
ऑन-साइड के खिलाड़ी से '360 डिग्री' बनने का सफर
जुबीन भरूचा ने बताया कि आईपीएल 2025 के दौरान वैभव सूर्यवंशी मुख्य रूप से ऑन-साइड (लेग साइड) पर शॉट्स खेलने के आदी थे, जो उनकी ताकत थी. लेकिन विपक्षी कप्तानों ने जल्द ही उनकी इस कमजोरी को भांप लिया था.
उच्च स्तर पर अपनी जगह बनाए रखने के लिए वैभव ने पिछले एक साल में कड़ी मेहनत की और अपने ऑफ-साइड के गेम को अविश्वसनीय रूप से विकसित किया. अब वे मैदान के दोनों तरफ समान रूप से रन बटोर रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने बैटिंग रूटीन या नेट प्रैक्टिस के समय में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया, बल्कि लगातार अभ्यास से अपने आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा लिया है, जो अब मैदान पर साफ नजर आ रहा है.
बैट स्पीड पर किया गया था विशेष काम
ट्रायल के दिनों को याद करते हुए जुबीन भरूचा ने एक और दिलचस्प खुलासा किया. उन्होंने बताया कि आईपीएल 2025 की शुरुआत से ठीक पहले जब वैभव राजस्थान रॉयल्स के ट्रायल्स में आए थे, तब उनकी बैट स्पीड (बल्ले की गति) उस ग्रुप में सबसे तेज नहीं थी.
इसके बाद राजस्थान के कोचों ने उनकी बैट स्पीड को बढ़ाने पर विशेष काम किया. सही ग्रिप, बेहतर आर्म एक्सटेंशन और टाइमिंग पर काम करने के बाद वैभव की बैट स्पीड में जो सुधार हुआ, उसी का नतीजा है कि आज 140+ किमी/घंटा की रफ्तार से आने वाली गेंदें भी उनके बल्ले से टकराकर सीधे स्टैंड्स में जाकर गिर रही हैं. इसी शानदार तकनीक के दम पर वे इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स के सबसे बड़े मैच विनर बनकर उभरे हैं.